सूरत भाजपा वॉर्ड नं. 22 में बगावत; 'लैंड ग्रेबिंग' के आरोपी की नियुक्ति पर भड़के कार्यकर्ता, पूछा- "क्या चापलूसी और पार्टियों का इनाम है पद?"

  

सूरत भाजपा वॉर्ड नं. 22 में बगावत; 'लैंड ग्रेबिंग' के आरोपी की नियुक्ति पर भड़के कार्यकर्ता, पूछा- "क्या चापलूसी और पार्टियों का इनाम है पद?"

सूरत भाजपा वॉर्ड नं. 22 में बगावत; 'लैंड ग्रेबिंग' के आरोपी की नियुक्ति पर भड़के कार्यकर्ता, पूछा- "क्या चापलूसी और पार्टियों का इनाम है पद?"

सूरत (Touch Gujarat): गुजरात की राजनीति में अनुशासन का दम भरने वाली भारतीय जनता पार्टी के भीतर इस समय एक बड़ा 'गृहयुद्ध' छिड़ गया है। मामला सूरत महानगर के वॉर्ड नंबर 22 (भटार-वेसु-डुमस) का है, जहाँ संगठन की नियुक्तियों ने पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के घावों पर नमक छिड़क दिया है। मामला केवल एक पद का नहीं, बल्कि पार्टी की साख और मुख्यमंत्री के 'लैंड ग्रेबिंग एक्ट' की धज्जियाँ उड़ाने का है।

विवाद की जड़: 'युवा मोर्चा' का दागी चेहरा



हाल ही में घोषित हुई लिस्ट में वॉर्ड नंबर 22 के 'युवा मोर्चा' के अध्यक्ष के रूप में करण तनसुखभाई पटेल का नाम देखकर हर कोई दंग है। इस नाम के सामने आते ही वॉर्ड के पुराने कार्यकर्ताओं और जमीनी नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया है। विरोध का कारण सीधा और स्पष्ट है—जिस व्यक्ति को युवाओं का आदर्श और नेता बनाया गया है, उस पर और उसके पिता पर सूरत के उमरा पुलिस स्टेशन में गुजरात लैंड ग्रेबिंग (प्रोहिबिशन) एक्ट, 2020 के तहत संगीन धाराओं में FIR (No: एल.ए. 716/2021) दर्ज है।

कार्यकर्ताओं का सीधा सवाल: "क्या निष्ठा का मोल खत्म हो गया?"

वॉर्ड नंबर 22 के समर्पित कार्यकर्ताओं के बीच इस समय जबरदस्त गुस्सा और 'रोष' देखने को मिल रहा है। दबी जुबान में नहीं, बल्कि अब खुलेआम कार्यकर्ता यह पूछ रहे हैं कि क्या पार्टी अब सिर्फ 'रसूखदारों' और 'पहुंच' वालों की रह गई है?

एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा:

"हम सालों से चप्पलें घिस रहे हैं, झंडे उठा रहे हैं, पार्टी की विचारधारा के लिए धूप में तपते हैं। लेकिन यहाँ तो खेल ही कुछ और है। दो कॉर्पोरेटरों (Corporators) को अपनी गाड़ी में लेकर घूमना, उन्हें आलीशान पार्टियाँ करवाना और उनकी चापलूसी करने का इनाम अगर पद है, तो फिर हम जैसे ईमानदार कार्यकर्ताओं की क्या ज़रूरत है? यह नियुक्ति उन कार्यकर्ताओं के मुँह पर एक ज़ोरदार तमाचा है जो तन, मन और धन से पार्टी के लिए समर्पित हैं।"

FIR की कड़वी सच्चाई: पानी का धंधा और जमीन पर डाका




पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, करण पटेल और उनके पिता तनसुखभाई पर वेसु की शिवकृपा को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की करीब 175 वर्ग मीटर कॉमन जमीन (COP-1) पर अवैध कब्जे का आरोप है। शिकायत में साफ़ लिखा है कि इन्होंने न केवल वहां अवैध निर्माण किया, बल्कि तीन बोरवेल खोदकर 'श्री सांई जलाराम वॉटर सप्लायर्स' के नाम से पानी बेचने का कमर्शियल धंधा भी शुरू कर दिया।

जब सोसाइटी ने इसका विरोध किया, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। आज जब पूरी राज्य सरकार भू-माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चल रही है, ऐसे में एक घोषित आरोपी को सत्ताधारी दल में पद देना कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रहा।

चापलूसी बनाम विचारधारा: संगठन की साख दांव पर

वॉर्ड में चर्चा है कि यह नियुक्ति संगठन की ज़रूरतों को देखकर नहीं, बल्कि 'सेटिंग' के आधार पर की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ बड़े नेताओं और कॉर्पोरेटरों के साथ फोटो खिंचवाने और उन्हें सुख-सुविधाएं मुहैया कराने से अगर कोई नेता बन जाता है, तो पार्टी की मूल विचारधारा का क्या होगा? क्या अब पार्टी में जगह बनाने के लिए 'लैंड ग्रेबिंग' जैसे दाग और 'पार्टी कल्चर' का होना अनिवार्य हो गया है?

बगावत के सुर: "सुधारो या हार झेलो"

वॉर्ड नं. 22 के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अगर इस विवादित नियुक्ति को तुरंत रद्द नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों और कार्यक्रमों में वे निष्क्रिय हो जाएंगे। "हमें ऐसा नेतृत्व मंजूर नहीं जो कानून की नज़रों में अपराधी हो," यह गूँज अब सूरत भाजपा के बड़े दफ्तरों तक पहुँचने लगी है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय बैठकों तक, हर जगह बस एक ही सवाल है—पार्टी को अपराधियों से बचाओ और निष्ठावानों को मान दो।

निष्कर्ष: क्या संगठन अपनी गलती सुधारेगा?

सूरत भाजपा अध्यक्ष और प्रदेश नेतृत्व के लिए यह एक अग्निपरीक्षा है। एक तरफ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का सख्त संदेश है कि भू-माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा, और दूसरी तरफ उन्हीं के संगठन में एक आरोपी को 'लाल कारपेट' बिछाकर पद दिया जा रहा है। वॉर्ड नं. 22 का यह आक्रोश अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है। अब गेंद पार्टी नेतृत्व के पाले में है—वे कार्यकर्ताओं के सम्मान को चुनते हैं या चापलूसी के इस नए कल्चर को?




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